अल्लामा इक़बाल और दुरूद शरीफ की फ़ज़ीलत-allama iqbal darood sharif

अल्लामा इक़बाल और दुरूद शरीफ की फ़ज़ीलत-allama iqbal darood sharif

अस्सलामु अलैकुम दोस्तों रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का हर उम्मती अपनी ज़िन्दगी में एक बार यह तहरीर जरूर पढ़े-अल्लामा इक़बाल और दुरूद शरीफ की फ़ज़ीलत-allama iqbal darood sharif

अल्लामा इक़बाल और दुरूद शरीफ की फ़ज़ीलत-allama iqbal darood sharif

 

अल्लामा इक़बाल और दुरूद शरीफ की फ़ज़ीलत-allama iqbal darood sharifअल्लामा इक़बाल और दुरूद शरीफ की फ़ज़ीलत-allama iqbal darood sharif

अगर आप अपने दिमाग को रौशन करना चाहते हैं और रूहानियत की दुनिया में परवाज़ करना चाहते हैं तो एक-एक लफ्ज़ को गौर से पढ़िएगा अल्लामा इकबाल रहमतुल्लाह अलैह से किसी ने पुछा आप किसी मदरसे में नहीं पढ़े ना तो दर्शे निज़ामी की तो आपको अल्लामा क्यों कहा जाता है अल्लामा इकबाल रहमतुल्लाह अलैह ने फरमाया

कि हां वाक़ई मैंने कोई आलिम फ़ाज़िल का कोर्स नहीं किया लेकिन फरमाने लगे की इस दुनिया कि मुझे इज़्ज़त देना और मेरे कलाम में यह असर और मेरे क़ल्बों रूह कि ये ताज़गी यह सब रसूले पाक सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम से बे इंतेहा मोहब्बत करने से मिला है आज मै जो कुछ भी हूँ सिर्फ रसूले पाक से सच्ची मोहब्बत करने का इनाम है

और ये सब तब मुमकिन हुआ जब मैंने रसूलल्लाह सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम पर दुरूदे पाक पढ़ना शुरू किया और आपने फ़रमाया कि दुरूदे पाक का विर्द करता गया और इसके तादाद को बढ़ाता गया एक लाख उसके बाद दो लाख और ऐसे ही मै आगे बढ़ता गया अल्लाह मेरे दिमाग को मेरे दिल को और मेरी रूह को रौशन करता रहा और जब मैंने रसुले  पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर एक करोड़ दुरूद ए पाक मुक़म्मल किया तो अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने मेरा अंग-अंग रौशन कर दिया

Durood Shareef Kis Tarah Insaan Ke Dil Ko Saaf Kar Deta Hai-दुरूद शरीफ किस तरह इंसान के दिल को साफ़ करता है

लोगों के दिलों में मेरी इज़्ज़त बैठ गई मेरे कलाम में ऐसा असर हुआ कि अल्लाह जब मैं क़लाम लिखने बैठता तो अलफ़ाज़ बारिश की तरह उतरते उसके बाद अल्लामा इक़बाल रहमतुल्लाह अलैह दुरूदे पाक लगातार पढ़ते रहे बस यही राज़ था जो अल्लामा मोहम्मद इक़बाल ने हमपर आशिकार कर दिया एक साहब अपना वाक़िआ बयान करते हैं की मै एयरफोर्स में नौकरी कर रहा था वहां मेरी मुलाकात एक आशिक ए रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से हुई

जिनसे एक राज़ मुझे मालूम हुआ और उन्होंने अपना वाक़िआ बयान किया कि मेरी जिंदगी पहले बहुत अजीब थी लेकिन जब मैंने मजबूत इरादा किया और मोहब्बत से दुरूदे पाक का विर्द शुरू किया और जब जिंदगी में पहली मर्तबा एक लाख दुरूदे पाक गिन कर पूरा किया तो एक ख्वाब देखता हूं की मै कहीं सफर पर जा रहा हूं और मेरे सामने एक गंदा नाला है और उस नाले के उस पार एक बहोत ही खूबसूरत और जन्नत जैसी दुनिया है

खैर मैंने जैसे तैसे करके बहुत मुश्किल से वो नाला पार कर दिया और उस पार पहुंच गया जब मैं मुड़कर देखा तो वही नाला जिसमे गन्दगी थी और जिसे देखकर उल्टी आ जाती थी वो एक साफ़ नहर में बदल गया है यहां तक की उस नहर के पानी के निचे हर रंग के पथ्थर भी नज़र आ रहे हैं जिसे देख कर रूह खुश हो जाए और मेरे कपड़े साफ सुथरे और सफेद हो चुके हैं और मै भी पहले से ज़्यादा खूबसूरत हो गया हूँ

मुझे ख्वाब में ही बताया गया की ये नाले में बहता पानी तुम्हारे आमाल हैं जो पहले गन्दगी थे और अब दुरूद ए पाक की बदौलत उसकी सफाई हो चुकी है अब ये सारे नेकियों में तब्दील हो चुके हैं लेकिन यक़ीन जानिये वो बंदा कब से अपनी सर्विस से रिटायर हो चुका है लेकिन आज भी उनका दुरूदे पाक का विर्द जारी है और बहुत से नौजवान लड़कों को दुरूदे पाक की लज़्ज़त से रौशन करवा चुका है

और आज उस बंदे की रूहानी कैफियत माशाल्लाह कमाल की है उस बंदे के दिलों दिमाग रसूले पाक सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम पर दुरूद ए पाक पढ़ने की बदौलत रौशन है मेरे मोहतरम अज़ीज़ दोस्तों अपनी जिंदगी में ये काम ज़रूर करें आज ही से पक्का इरादा करें इंशाल्लाह मै अब से रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की ज़ाते मुक़द्दस पर गिन कर एक करोड़ मर्तबा मोहब्बत और शौक से दुरूदे पाक पढ़ना है

यकीन मानिए जैसे-जैसे आप रसूलल्लाह सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम पर दुरूद ए पाक पढ़ते जाएंगे आपकी रूहानी कैफियत बदलती चली जायेगी और दिलो दिमाग और रूह के ऐसे दरीचे खुलेंगे की आप हैरान रह जाएंगे रोज़ाना दुरूदे पाक का विर्द करने का अपना मामूल बना ले फिर देखिये की क़ुदरत आपकी ज़िन्दगी को कैसे बदलती है

अल्लाह हम सबको प्यारे आक़ा सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम पर दुरूद ए पाक पढ़ने की सआदत नसीब फरमाए आमीन अज़ीज़ दोस्तों इस पर खुद भी अमल करें और अपने घरवालों को आगाह करें ख़ास तौर से नौजवान भाई बहन दोस्तों को ज़रूर से इस विर्दे पाक के बारे में बताये जो-जो इस पर अमल करेगा आपके साथ वो भी इस नूरानी लड़ी में पिरोया जाएगा और आपका भी भला होगा बल्कि बहुत भला होगा

हदीसे पाक का मफ़हूम है बरोज़े क़यामत मेरा उम्मती वो होगा जो कसरत के साथ मुझपर दुरूद पढ़ता होगा सुबहानअल्लाह तो मेरे मोहतरम अज़ीज़ दोस्तों आज ही से दुरूद ए पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का विर्द पढ़ना शुरू कर दें इंशाअल्लाह आपकी जिंदगी बदल जाएगी बल्कि आप की नस्ले बदल जाएंगे।

मोहतरम अज़ीज़ दोस्तों जाते-जाते छोटी सी गुजारिश है। अगर कोई वाक़्या कहानी या तहरीर अच्छी लग जाए तो पढ़ लेने के बाद थोड़ी सी ज़हमत फरमाकर अपने दोस्तों के साथ उसको शेयर कर दीजिए।अल्लामा इक़बाल और दुरूद शरीफ की फ़ज़ीलत-allama iqbal darood sharif

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